अटल रोहतांग, दुनिया की सबसे लंबी पर्वत सुरंग, को आज प्रधान मंत्री मोदी जी के द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया।
हिमाचल प्रदेश में रोहतांग सुरंग जो की मनाली ज़िला कुल्लू में रोहतांग पहाड़ी के नीचे से बनाई गई है। ये दुनिया की सबसे लंबी पहाड़ी सुरंग है, य़ह सुरंग लेह और मनाली के बीच सड़क की दूरी को एक तरफ जाने को 22 घंटे से कम करती है और यात्रा के समय को लगभग चार या पांच घंटे कम कर देगी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 25 दिसम्बर 2019 बुधवार को अटल रोहतांग सुरंग को राष्ट्र को समर्पित कर दिया है। और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में एक समारोह में अटल भुजल योजना का शुभारंभ किया।
प्रधान मंत्री ने इस सुरंग को समर्पित करते हुए यह कहा कि ये सुरंग वाजपेयी जी के जन्मदिन के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए एक उपहार है। अटल सुरंग पर्यटन और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से दोनों में से एक बहुत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरंग है। और ये सुरंग लेह और कारगिल मैं रहने वाले लोगों की किस्मत बदल देगी।
रोहतांग दर्रे के नीचे से चीन की सीमा से लगे इलाके की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रणनीतिक सुरंग बनाने का निर्णय 3 जून, 2000 को लिया गया था। जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। 8.8 किमी लंबी यह सुरंग 3,000 मीटर की ऊंचाई के ऊपर दुनिया की सबसे लंबी है। यह सुरंग अब लेह मनाली सड़क मार्ग को 12 महीने जोड़े रखेगी। क्यूंकि रोहतांग पास पर हर साल बर्फ गिरने से यह सड़क मार्ग सिर्फ साल के 6 महिने ही खुला रहता था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 25 दिसम्बर 2019 बुधवार को अटल रोहतांग सुरंग को राष्ट्र को समर्पित कर दिया है। और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में एक समारोह में अटल भुजल योजना का शुभारंभ किया।
प्रधान मंत्री ने इस सुरंग को समर्पित करते हुए यह कहा कि ये सुरंग वाजपेयी जी के जन्मदिन के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए एक उपहार है। अटल सुरंग पर्यटन और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से दोनों में से एक बहुत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरंग है। और ये सुरंग लेह और कारगिल मैं रहने वाले लोगों की किस्मत बदल देगी।
रोहतांग दर्रे के नीचे से चीन की सीमा से लगे इलाके की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रणनीतिक सुरंग बनाने का निर्णय 3 जून, 2000 को लिया गया था। जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। 8.8 किमी लंबी यह सुरंग 3,000 मीटर की ऊंचाई के ऊपर दुनिया की सबसे लंबी है। यह सुरंग अब लेह मनाली सड़क मार्ग को 12 महीने जोड़े रखेगी। क्यूंकि रोहतांग पास पर हर साल बर्फ गिरने से यह सड़क मार्ग सिर्फ साल के 6 महिने ही खुला रहता था।

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